“India Yamaha Motor ने ब्रेक सिस्टम में खराबी के चलते 3,06,635 RayZR 125 Fi Hybrid और Fascino 125 Fi Hybrid स्कूटर रिकॉल किए हैं। ये मॉडल मई 2024 से सितंबर 2025 तक बने हैं। मालिक चेसिस नंबर से वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं और फ्री रिपेयर करवा सकते हैं।”
India Yamaha Motor ने अपने पॉपुलर 125cc हाइब्रिड स्कूटर मॉडल्स में फ्रंट ब्रेक सिस्टम की संभावित समस्या की वजह से बड़े पैमाने पर रिकॉल का ऐलान किया है। कंपनी के मुताबिक, प्रभावित यूनिट्स में ब्रेक लीवर या कैलिपर से जुड़ी पार्ट्स में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट हो सकता है, जो ब्रेकिंग परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है। इससे राइडर्स की सेफ्टी पर असर पड़ सकता है, खासकर हाई-स्पीड या इमरजेंसी ब्रेकिंग सिचुएशंस में। रिकॉल का दायरा RayZR 125 Fi Hybrid और Fascino 125 Fi Hybrid तक सीमित है, जो भारत में युवाओं और कम्यूटर्स के बीच काफी डिमांड में हैं।
कंपनी ने इस समस्या को वॉलंटरी रिकॉल के तहत हैंडल करने का फैसला लिया है, जिसका मतलब है कि प्रभावित स्कूटर मालिकों को किसी भी तरह का चार्ज नहीं देना पड़ेगा। रिपेयर प्रोसेस में डिफेक्टिव पार्ट्स को रिप्लेस किया जाएगा, जो ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर्स पर उपलब्ध होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसी खराबी से ब्रेक फ्लुइड लीकेज या लीवर की कमजोरी हो सकती है, जो लंबे समय में एक्सीडेंट का रिस्क बढ़ा सकती है। भारत में टू-व्हीलर मार्केट में बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच, Yamaha जैसी कंपनियां क्वालिटी कंट्रोल पर फोकस कर रही हैं ताकि कस्टमर ट्रस्ट बना रहे।
प्रभावित मॉडल्स और उनकी डिटेल्स
ये रिकॉल केवल स्पेसिफिक मॉडल्स पर लागू होता है। नीचे टेबल में मुख्य डिटेल्स दी गई हैं:
| मॉडल नाम | प्रभावित यूनिट्स की संख्या | मैन्युफैक्चरिंग पीरियड | मुख्य फीचर्स | संभावित समस्या |
|---|---|---|---|---|
| RayZR 125 Fi Hybrid | लगभग 2 लाख | मई 2024 से सितंबर 2025 | 125cc इंजन, हाइब्रिड टेक, डिस्क ब्रेक, LED लाइट्स | फ्रंट ब्रेक कैलिपर में डिफेक्ट, जो ब्रेकिंग एफिशिएंसी कम कर सकता है |
| Fascino 125 Fi Hybrid | लगभग 1 लाख | मई 2024 से सितंबर 2025 | स्टाइलिश डिजाइन, फ्यूल इंजेक्शन, स्मार्ट मोटर जेनरेटर, UBS | ब्रेक लीवर की कमजोरी, जिससे इमरजेंसी स्टॉपिंग में समस्या |
ये मॉडल्स भारत में बजट-फ्रेंडली ऑप्शंस के रूप में जाने जाते हैं, जहां RayZR स्पोर्टी लुक के लिए पॉपुलर है और Fascino महिलाओं और फैमिली यूजर्स के बीच। अगर आपका स्कूटर इनमें से है, तो तुरंत चेक करना जरूरी है क्योंकि अनइग्नोर्ड इश्यू से रोड सेफ्टी रूल्स का वायलेशन भी हो सकता है।
अपना स्कूटर मॉडल कैसे चेक करें
Yamaha ने कस्टमर्स की सुविधा के लिए आसान प्रोसेस रखा है। स्टेप-बाय-स्टेप गाइड नीचे है:
ऑनलाइन चेक : Yamaha की ऑफिशियल वेबसाइट yamaha-motor-india.com पर जाएं। सर्विस सेक्शन में ‘Voluntary Recall’ या ‘Service Recall SC’ ऑप्शन चुनें। यहां चेसिस नंबर एंटर करें, जो आपके स्कूटर के रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स या फ्रेम पर लिखा होता है। सिस्टम तुरंत बताएगा कि आपका मॉडल प्रभावित है या नहीं।
डीलर कॉन्टैक्ट : अगर ऑनलाइन एक्सेस नहीं है, तो नजदीकी ऑथराइज्ड Yamaha डीलरशिप पर जाएं। वे चेसिस नंबर वेरिफाई करके कन्फर्म करेंगे और अगर जरूरी हो तो अपॉइंटमेंट बुक करेंगे।
हेल्पलाइन सपोर्ट : कंपनी की कस्टमर केयर हेल्पलाइन पर कॉल करें। वे गाइड करेंगे और नेक्स्ट स्टेप्स बताएंगे। ध्यान रखें, चेसिस नंबर 17 डिजिट का होता है और इसे सही से एंटर करना जरूरी है।
रिपेयर प्रोसेस : अगर कन्फर्म हो जाता है, तो सर्विस सेंटर पर स्कूटर ले जाएं। रिपेयर में 1-2 घंटे लग सकते हैं, जिसमें पार्ट्स चेंज और टेस्टिंग शामिल है। कंपनी ने असर को मिनिमाइज करने के लिए एक्स्ट्रा स्टॉक रखा है।
ये स्टेप्स फॉलो करके आप अपने स्कूटर को सेफ रख सकते हैं। अगर आप सेकंड-हैंड बायर हैं, तो भी चेक करना न भूलें क्योंकि रिकॉल ओरिजिनल ओनर से इंडिपेंडेंट होता है।
सेफ्टी टिप्स और इम्प्लिकेशंस
ब्रेक इश्यू जैसी समस्याओं से बचने के लिए कुछ प्रैक्टिकल टिप्स:
रूटीन चेक : हर 1,000 किलोमीटर पर ब्रेक पैड्स और फ्लुइड लेवल चेक करवाएं। अगर ब्रेक लगाते समय असामान्य नॉइज या वाइब्रेशन महसूस हो, तो तुरंत सर्विस करवाएं।
राइडिंग हैबिट्स : हाई-स्पीड पर अचानक ब्रेक न लगाएं। हमेशा फ्रंट और रियर ब्रेक का बैलेंस्ड यूज करें, खासकर UBS (Unified Brake System) वाले मॉडल्स में।
इंश्योरेंस चेक : सुनिश्चित करें कि आपका इंश्योरेंस कवर ऐसी मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट्स को कवर करता है। कई पॉलिसीज में रिकॉल से जुड़े क्लेम्स शामिल होते हैं।
मार्केट इम्पैक्ट : इस रिकॉल से Yamaha की सेल्स पर शॉर्ट-टर्म असर पड़ सकता है, लेकिन कंपनी की ट्रांसपेरेंसी से ब्रैंड वैल्यू बढ़ेगी। कॉम्पिटीटर्स जैसे Honda और TVS भी ऐसे मामलों में सतर्क रहते हैं।
अगर आपका स्कूटर प्रभावित नहीं है, तो भी रेगुलर मेंटेनेंस से ऐसी प्रॉब्लम्स को अवॉइड किया जा सकता है। भारत में बढ़ते ट्रैफिक और रोड कंडीशंस में ब्रेक सिस्टम की रिलायबिलिटी क्रिटिकल है। कंपनी ने सभी डीलर्स को इंस्ट्रक्ट किया है कि वे प्रायोरिटी पर केसेस हैंडल करें ताकि कस्टमर्स को इंतजार न करना पड़े।
की पॉइंट्स
कुल रिकॉल यूनिट्स: 3,06,635
समस्या: फ्रंट ब्रेक पार्ट्स में डिफेक्ट
लागत: फ्री ऑफ कॉस्ट
एक्शन: चेसिस नंबर से वेरिफाई करें
लाभ: बेहतर सेफ्टी और परफॉर्मेंस
Yamaha ने इस रिकॉल को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के मुताबिक हैंडल किया है, जो इंडियन कंज्यूमर प्रोटेक्शन रूल्स से मैच करता है। अगर आपके पास मल्टीपल स्कूटर हैं, तो हर एक को इंडिविजुअली चेक करें।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट और स्रोतों से प्राप्त टिप्स पर आधारित है।










