“नए सेंट्रल मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स 2026 के अनुसार, साल में 5 या अधिक ट्रैफिक उल्लंघन करने पर ड्राइवर का लाइसेंस 90 दिनों के लिए निलंबित हो सकता है। छोटी-छोटी गलतियां जैसे हेलमेट न पहनना, मोबाइल फोन इस्तेमाल, ओवरस्पीडिंग या सीट बेल्ट न लगाना अब भारी जुर्माने और लाइसेंस छिनने का खतरा पैदा कर रही हैं, जिससे रोजमर्रा की ड्राइविंग में सतर्कता जरूरी हो गई है।”
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स 2026 जारी किए हैं, जो ट्रैफिक उल्लंघनों पर सख्ती बढ़ाते हैं। इन नियमों के तहत, अगर कोई ड्राइवर एक साल में पांच या उससे अधिक ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस कम से कम 90 दिनों के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। यह नियम छोटी गलतियों को भी गंभीर मानता है, जैसे कि दोपहिया वाहन पर हेलमेट न पहनना या कार में सीट बेल्ट न लगाना। पहले जहां ऐसे उल्लंघनों पर सिर्फ जुर्माना लगता था, अब बार-बार दोहराने पर लाइसेंस रद्द होने का प्रावधान है। zeebiz.com
ये नियम विशेष रूप से उन ड्राइवरों को लक्षित करते हैं जो आदतन नियम तोड़ते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति साल भर में तीन बार ओवरस्पीडिंग करता है, एक बार मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा जाता है और एक बार रेड लाइट जंप करता है, तो पांचवीं गलती पर लाइसेंस सस्पेंशन का सामना करना पड़ सकता है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, ऐसे उल्लंघनों से होने वाली दुर्घटनाएं 20% तक बढ़ गई हैं, जिसके चलते यह सख्ती अपनाई गई है। राज्य सरकारें अब इस नियम को लागू करने के लिए ई-चालान सिस्टम को अपग्रेड कर रही हैं, जहां सभी उल्लंघन रिकॉर्ड डिजिटल रूप से ट्रैक किए जाएंगे। timesofindia.indiatimes.com
ट्रैफिक उल्लंघनों की सूची और जुर्माने
नए नियमों में छोटी गलतियों को भी हाईलाइट किया गया है। नीचे एक टेबल में प्रमुख उल्लंघन, उनके जुर्माने और लाइसेंस पर प्रभाव दिए गए हैं:
| उल्लंघन का प्रकार | जुर्माना राशि (रुपये में) | बार-बार दोहराने पर प्रभाव |
|---|---|---|
| हेलमेट न पहनना (दोपहिया वाहन) | 1,000 से 2,000 | 5 उल्लंघनों के बाद 90 दिन लाइसेंस सस्पेंड |
| सीट बेल्ट न लगाना (कार) | 1,000 | बार-बार पर लाइसेंस रद्द, प्लस पॉइंट्स सिस्टम में कटौती |
| मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए ड्राइविंग | 1,000 से 5,000 (पहली बार), 10,000 (दूसरी बार) | तीन उल्लंघनों के बाद लाइसेंस जांच, पांच पर सस्पेंड |
| ओवरस्पीडिंग | 1,000 से 2,000 (हल्के वाहन), 2,000 से 4,000 (भारी वाहन) | स्पीड कैमरों से ट्रैक, पांच उल्लंघनों पर 3 महीने सस्पेंड |
| रेड लाइट जंप करना | 1,000 से 5,000 | सीसीटीवी से रिकॉर्ड, बार-बार पर लाइसेंस रद्द और कोर्ट केस |
| शराब पीकर ड्राइविंग | 10,000 से 15,000, प्लस जेल | पहली बार लाइसेंस 6 महीने सस्पेंड, दूसरी बार स्थायी रद्द |
| गलत साइड ड्राइविंग | 1,000 से 2,000 | पांच उल्लंघनों के बाद लाइसेंस सस्पेंड और वाहन जब्ती का प्रावधान |
| अवैध मॉडिफिकेशन (जैसे फैंसी लाइट्स या साइलेंसर) | 1,000 से 5,000 | नए नियमों में सख्ती, बार-बार पर लाइसेंस प्रभावित |
| बिना इंश्योरेंस ड्राइविंग | 2,000 (पहली बार), 4,000 (दूसरी बार) | लाइसेंस सस्पेंड और वाहन इंपाउंड |
यह टेबल दिखाती है कि छोटी गलतियां जैसे हेलमेट या सीट बेल्ट न लगाना अब सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं रहेंगी। अगर ये उल्लंघन साल में पांच बार होते हैं, तो लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है। smcinsurance.com +1
लाइसेंस सस्पेंशन का प्रोसेस
नए नियमों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ अब डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर उल्लंघनों की गिनती करेंगे। अगर पांच उल्लंघन पूरे होते हैं, तो ड्राइवर को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के 15 दिनों में अपील की जा सकती है, लेकिन सबूत न होने पर सस्पेंशन लागू होगा। सस्पेंशन के दौरान ड्राइविंग पकड़े जाने पर 10,000 रुपये जुर्माना और जेल का प्रावधान है। राज्य जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में यह सिस्टम पहले से ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत चल रहा है, जहां उल्लंघनों की संख्या ट्रैक करने के लिए ऐप्स इस्तेमाल हो रहे हैं। threads.com
इसके अलावा, पॉइंट्स सिस्टम को मजबूत किया गया है। हर उल्लंघन पर 1 से 3 पॉइंट्स कटते हैं। अगर साल में 12 पॉइंट्स कट जाते हैं, तो लाइसेंस ऑटोमैटिक सस्पेंड हो जाएगा। उदाहरण के लिए, मोबाइल इस्तेमाल पर 2 पॉइंट्स, ओवरस्पीडिंग पर 3 पॉइंट्स। यह सिस्टम यूरोपीय देशों की तर्ज पर अपनाया गया है, जहां ड्राइवरों की जिम्मेदारी बढ़ाई जाती है।
## छोटी गलतियों से बचने के टिप्स










