“2025 में भारत के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में कुल 44.75 लाख यूनिट्स की रिटेल सेल्स हुईं। इनमें से टॉप 6 कंपनियां—मारुति सुजुकी, महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई, टोयोटा और किया—मिलकर 91% से ज्यादा हिस्सेदारी पर काबिज रहीं। मारुति सुजुकी 39.91% शेयर के साथ पहले स्थान पर बनी रही, जबकि महिंद्रा ने 13.25% शेयर के साथ पहली बार दूसरी पोजिशन हासिल की। एसयूवी सेगमेंट की मजबूती, नई लॉन्चिंग्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बढ़ती मांग ने रैंकिंग में बड़े बदलाव लाए।”
भारत की कार मार्केट पर छह कंपनियों का दबदबा
2025 में भारतीय पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अभूतपूर्व कंसॉलिडेशन देखा गया। कुल 44,75,309 यूनिट्स की रिटेल सेल्स में टॉप 6 ब्रांड्स ने 40.87 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेचकर 91.3% मार्केट कैप्चर किया। यह आंकड़ा पिछले सालों की तुलना में और मजबूत हुआ, जहां छोटे ब्रांड्स की हिस्सेदारी लगातार घट रही है। एसयूवी की मांग ने मार्केट को रीडिफाइन किया, जिसका फायदा महिंद्रा, टाटा और टोयोटा जैसे ब्रांड्स को मिला।
टॉप 6 कंपनियों की 2025 मार्केट शेयर और सेल्स
| रैंक | कंपनी | 2025 सेल्स (यूनिट्स) | मार्केट शेयर (%) | 2024 सेल्स (यूनिट्स) | बदलाव की मुख्य वजहें |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मारुति सुजुकी | 17,86,226 | 39.91 | 16,41,773 | Dzire सबसे ज्यादा बिकी कार, Wagon R, Ertiga, Swift, Fronx और Brezza की मजबूत डिमांड |
| 2 | महिंद्रा | 5,92,771 | 13.25 | 4,92,981 | Scorpio, Thar, XUV700, XUV3XO और Bolero की एसयूवी रेंज, BE 6 और XEV 9e जैसे EVs से 7% योगदान |
| 3 | टाटा मोटर्स | 5,67,607 | 12.68 | 5,37,737 | Nexon और Punch की पॉपुलैरिटी, Sierra लॉन्च से मिड-साइज एसयूवी में विस्तार |
| 4 | हुंडई | 5,59,558 | 12.50 | 5,61,183 | Creta सबसे ज्यादा बिकी एसयूवी, लेकिन नॉन-एसयूवी सेगमेंट में कमजोर प्रदर्शन |
| 5 | टोयोटा | 3,20,703 | 7.17 | 2,60,591 | Innova Crysta, Hycross और Maruti के रीबैज्ड मॉडल्स (Urban Cruiser Hyryder, Glanza) से ग्रोथ |
| 6 | किया | 2,59,043 | 5.79 | 2,38,222 | Seltos, Sonet, Syros, Carens Clavis और EV6 फेसलिफ्ट से स्थिर प्रदर्शन |
यह टॉप 6 ग्रुप पिछले साल की तुलना में अपनी पकड़ मजबूत करने में कामयाब रहा। बाकी ब्रांड्स जैसे Skoda Volkswagen (2.42%), MG (1.47%), Honda (1.40%) और Renault (0.81%) मिलकर सिर्फ 8-9% शेयर पर रहे।
मारुति सुजुकी का लगातार दबदबा
मारुति सुजुकी ने 2025 में भी 39.91% शेयर के साथ लीड बनाए रखी। कंपनी ने 17.86 लाख यूनिट्स बेचीं, जो 2024 से 9% ज्यादा है। Dzire साल की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बनी, जबकि Brezza और Fronx जैसे कॉम्पैक्ट एसयूवी ने युवा खरीदारों को आकर्षित किया। कंपनी की स्ट्रेंथ अफोर्डेबल प्राइसिंग, वाइड सर्विस नेटवर्क और फ्यूल एफिशिएंट इंजन्स में है। हालांकि शेयर में मामूली कमी आई, लेकिन वॉल्यूम ग्रोथ ने इसे टॉप पर बनाए रखा।
महिंद्रा की ऐतिहासिक उछाल, दूसरी पोजिशन पर कब्जा
महिंद्रा 2025 में सबसे बड़ा सरप्राइज रही। 13.25% शेयर के साथ यह पहली बार दूसरे नंबर पर पहुंची। 5.93 लाख यूनिट्स की सेल्स 2024 से 20% ज्यादा है। एसयूवी पोर्टफोलियो की ताकत दिखी—XUV700, Scorpio-N, Thar और XUV3XO ने प्रीमियम सेगमेंट में कमाल किया। Bolero जैसे पुराने मॉडल्स ने भी ग्रामीण बाजार में योगदान दिया। कंपनी ने इलेक्ट्रिक सेगमेंट में एंट्री की, जहां BE 6 और XEV 9e ने 7% सेल्स दीं। एसयूवी ट्रेंड और प्रीमियमाइजेशन ने महिंद्रा को हुंडई-टाटा से आगे निकाल दिया।
टाटा मोटर्स का मजबूत लेकिन चुनौतीपूर्ण साल
टाटा तीसरे स्थान पर रही, लेकिन शेयर 12.68% पर थोड़ा घटा। Nexon साल की टॉप-3 कारों में शामिल रही, जबकि Punch ने एंट्री-लेवल एसयूवी सेगमेंट में दबदबा बनाए रखा। Sierra जैसे नए मॉडल्स से मिड-साइज एसयूवी में एंट्री हुई। ईवी सेगमेंट में Tiago EV और Nexon EV ने योगदान दिया, लेकिन कॉम्पिटिशन बढ़ने से ग्रोथ सीमित रही।
हुंडई का चौथे स्थान पर खिसकना
हुंडई 12.50% शेयर के साथ चौथे पर आ गई। Creta साल की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी बनी, लेकिन अन्य सेगमेंट्स में ग्रोथ कम रही। कंपनी की कुल सेल्स 2024 से थोड़ी घटी। नए मॉडल्स की कमी और प्राइसिंग प्रेशर ने प्रभाव डाला।
टोयोटा और किया की स्थिर ग्रोथ
टोयोटा 7.17% शेयर के साथ पांचवें स्थान पर पहुंची। Innova Crysta और Hycross ने फैमिली सेगमेंट में दबदबा बनाए रखा। Maruti के साथ पार्टनरशिप से रीबैज्ड मॉडल्स ने वॉल्यूम बढ़ाया। किया 5.79% शेयर के साथ छठे स्थान पर बनी। Seltos और Sonet की डिमांड मजबूत रही, जबकि नए लॉन्च जैसे Syros ने पोर्टफोलियो विस्तार किया।
मार्केट ट्रेंड्स और भविष्य की संभावनाएं
एसयूवी सेगमेंट ने 2025 में 62% से ज्यादा शेयर लिया। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड व्हीकल्स की मांग बढ़ी, लेकिन पेट्रोल-डीजल मॉडल्स अभी भी प्रमुख हैं। टॉप 6 का दबदबा बढ़ने से छोटे ब्रांड्स के लिए चुनौती बढ़ गई है। 2026 में ईवी पॉलिसी, नई लॉन्चिंग्स और प्राइसिंग वॉर से और बदलाव संभव हैं।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। बाजार आंकड़े उपलब्ध इंडस्ट्री रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और निवेश या खरीद सलाह नहीं मानी जानी चाहिए।










