अडानी पावर ने दिसंबर 2025 तिमाही में 2,488 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही से 19% कम है। रेवेन्यू 12,451 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 9% की गिरावट आई। EBITDA 4,636 करोड़ रुपये पर मजबूत बना रहा, लेकिन कम पावर डिमांड और वन-टाइम इनकम की कमी से प्रभावित हुआ। शेयर प्राइस रिजल्ट्स के बाद मामूली बढ़त के साथ 134 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।
अडानी पावर के Q3 रिजल्ट्स में गिरावट के कारण अडानी पावर ने FY26 की तीसरी तिमाही में कम पावर डिमांड के चलते चुनौतियों का सामना किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2,488 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की 3,057 करोड़ रुपये की तुलना में 19% कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से वन-टाइम प्रायर पीरियड इनकम की कमी से हुई, जो पिछली तिमाही में अधिक थी। इसके अलावा, पावर जेनरेशन सेक्टर में मौसमी डिमांड में कमी ने भी असर डाला। कंपनी ने बताया कि ऑपरेशनल परफॉर्मेंस स्थिर रहा, लेकिन कुल आय में कमी आई।
फाइनेंशियल हाइलाइट्स कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 12,451 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 13,671 करोड़ रुपये से 9% कम है। तिमाही दर तिमाही आधार पर यह 13,457 करोड़ रुपये से 7.5% नीचे आया। EBITDA ने 4,636 करोड़ रुपये का मजबूत स्तर बनाए रखा, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है। टैक्स आफ्टर प्रॉफिट में गिरावट के बावजूद, कंपनी की लिक्विडिटी पोजिशन मजबूत बनी हुई है, जिससे फ्यूचर ग्रोथ के लिए आधार तैयार है।
| पैरामीटर | Q3 FY26 (करोड़ रुपये) | Q3 FY25 (करोड़ रुपये) | YoY चेंज (%) | QoQ चेंज (%) |
|---|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | 12,451 | 13,671 | -9 | -7.5 |
| नेट प्रॉफिट | 2,488 | 3,057 | -19 | -16 |
| EBITDA | 4,636 | N/A | N/A | N/A |
| EPS (रुपये) | 1.29 | 1.59 | -19 | -16 |
शेयर मार्केट पर असर रिजल्ट्स ऐलान के बाद अडानी पावर के शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। NSE पर शेयर प्राइस 134.72 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले क्लोज से 0.16% ऊपर है। दिन के दौरान यह 133.60 से 135.90 रुपये के बीच ट्रेड हुआ। 52-वीक हाई 182.70 रुपये और लो 92.40 रुपये रहा। एनालिस्ट्स का मानना है कि गिरावट के बावजूद, कंपनी की कैपेसिटी एक्सपैंशन प्लान्स से लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल मजबूत है। हालांकि, अगर पावर डिमांड में सुधार नहीं हुआ तो शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी बनी रह सकती है।
सेक्टरल कंटेक्स्ट में प्रदर्शन पावर सेक्टर में कुल मिलाकर डिमांड में कमी देखी गई, खासकर इंडस्ट्रियल सेगमेंट में। अडानी पावर की थर्मल पावर कैपेसिटी 15,250 MW है, जो भारत की प्राइवेट थर्मल पावर प्रोडक्शन में सबसे बड़ी है। कंपनी ने Q3 में 22.54 बिलियन यूनिट्स पावर सप्लाई की, जो पिछले साल से थोड़ी कम है। ग्रुप की डाइवर्सिफाइड प्रेजेंस, जैसे कि रिन्यूएबल एनर्जी में एक्सपैंशन, से फ्यूचर रिस्क्स को बैलेंस करने में मदद मिलेगी।
एनालिस्ट व्यूज और फ्यूचर आउटलुक मार्केट एनालिस्ट्स ने रिजल्ट्स को मिक्स्ड बताया। जहां प्रॉफिट में गिरावट चिंता का विषय है, वहीं EBITDA की मजबूती से ऑपरेशनल स्ट्रेंथ झलकती है। फ्यूचर में, कंपनी के 7,500 करोड़ रुपये के NCD अलॉटमेंट से कैपिटल रेजिंग होगी, जो एक्सपैंशन के लिए इस्तेमाल होगी। अगर FY26 की बाकी तिमाहियों में डिमांड रिकवर हुई, तो सालाना ग्रोथ 10-15% रह सकती है। निवेशकों को सलाह है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग में सावधानी बरतें, जबकि लॉन्ग-टर्म होल्डर्स के लिए वैल्यूएशन आकर्षक है।
कंपनी की स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव्स अडानी पावर ग्रुप की ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन पर फोकस कर रही है। हाल में, कंपनी ने बांग्लादेश और श्रीलंका में एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स बढ़ाए हैं। घरेलू बाजार में, PPA (पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स) की संख्या बढ़ाने पर जोर है। Q3 में, कंपनी ने कोल सप्लाई चेन को ऑप्टिमाइज किया, जिससे कॉस्ट कंट्रोल में मदद मिली। कुल मिलाकर, गिरावट अस्थायी लगती है, और कंपनी की मार्केट पोजिशन मजबूत बनी हुई है।
इंडस्ट्री कंपैरिजन अन्य पावर कंपनियों की तुलना में अडानी पावर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। उदाहरण के लिए, टाटा पावर का प्रॉफिट बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू में समान चुनौतियां थीं। टोरेंट पावर ने भी डिमांड इश्यूज फेस किए। अडानी की बड़ी कैपेसिटी से स्केल इकोनॉमिक्स का फायदा मिलता है, लेकिन मार्केट शेयर 15% के आसपास रहने से कॉम्पिटिशन तीव्र है।
| कंपनी | Q3 प्रॉफिट (करोड़ रुपये) | YoY चेंज (%) | रेवेन्यू (करोड़ रुपये) | YoY चेंज (%) |
|---|---|---|---|---|
| अडानी पावर | 2,488 | -19 | 12,451 | -9 |
| टाटा पावर | 1,200 | +5 | 15,000 | -2 |
| टोरेंट पावर | 800 | -10 | 6,500 | -5 |
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