“भारत का सबसे पुराना गोल्ड ETF Nippon India ETF Gold BeES (GOLDBEES) लॉन्च के समय ₹9-10 के आसपास था, जो अब ₹128 के स्तर पर पहुंच चुका है। 2007 से अब तक 1200% से अधिक का कमाल रिटर्न दिया है। सोने की कीमतों में तेजी के बीच यह ETF निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना हुआ है, लेकिन क्या अब खरीदना सही समय है? आइए विस्तार से समझते हैं रिटर्न, ट्रैकिंग, रिस्क और आगे की संभावनाएं।”
भारत का सबसे पुराना गोल्ड ETF: 1200%+ रिटर्न के साथ ₹9 से ₹128 तक का सफर
Nippon India ETF Gold BeES भारत का पहला और सबसे पुराना गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है, जिसे मार्च 2007 में लॉन्च किया गया था। लॉन्च के समय इसकी कीमत लगभग ₹9-10 प्रति यूनिट थी। वर्तमान में (मार्च 2026) इसकी ट्रेडिंग प्राइस और NAV ₹127-128 के बीच है, जो इनception से अब तक 1200% से अधिक का रिटर्न दर्शाता है। यह रिटर्न सोने की घरेलू कीमतों में आई बढ़ोतरी को ट्रैक करता है, क्योंकि यह ETF फिजिकल गोल्ड में निवेश करता है।
रिटर्न का ब्रेकडाउन
Inception से (2007 से मार्च 2026 तक) : औसत सालाना रिटर्न लगभग 14.8% (CAGR)। कुल रिटर्न 1200%+।
पिछले 1 साल में : करीब 79-80% का शानदार रिटर्न, सोने की कीमतों में तेज उछाल के कारण।
पिछले 3 साल : औसतन 38-39% CAGR।
पिछले 5 साल : करीब 27-28% CAGR। यह प्रदर्शन इसे अन्य गोल्ड ETFs जैसे SBI Gold ETF, ICICI Prudential Gold ETF और HDFC Gold ETF से तुलनीय बनाता है, लेकिन इसकी लंबी ट्रैक रिकॉर्ड और उच्च लिक्विडिटी इसे सबसे भरोसेमंद बनाती है।
वर्तमान स्थिति और सोने की कीमतों से तुलना मार्च 2026 में घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम ₹1.57 लाख से ₹1.59 लाख के बीच चल रही है (शहरों के अनुसार थोड़ा अंतर)। ग्लोबल स्तर पर गोल्ड $5,000-5,023 प्रति औंस के आसपास है। Gold BeES की यूनिट प्राइस सोने के भाव को मिनट-टू-मिनट ट्रैक करती है, जिसमें न्यूनतम ट्रैकिंग एरर होता है।
ETF की मुख्य विशेषताएं:
AUM : ₹58,000 करोड़ से अधिक, जो इसे सबसे बड़ा गोल्ड ETF बनाता है।
Expense Ratio : 0.8%, अन्य ETFs से तुलनीय।
लिक्विडिटी : रोजाना करोड़ों यूनिट्स का वॉल्यूम, आसानी से खरीद-बिक्री।
ट्रैकिंग : डोमेस्टिक प्राइस ऑफ गोल्ड इंडेक्स को फॉलो करता है।
अन्य प्रमुख गोल्ड ETFs से तुलना (2026 डेटा के आधार पर)
अब निवेश करना चाहिए या नहीं? प्रमुख फैक्टर
| ETF नाम | लॉन्च वर्ष | वर्तमान प्राइस (लगभग) | 1 साल रिटर्न | AUM (करोड़ में) | खासियत |
|---|---|---|---|---|---|
| Nippon India ETF Gold BeES | 2007 | ₹128 | 79-80% | 58,000+ | सबसे पुराना, उच्च लिक्विडिटी |
| SBI Gold ETF | 2009 | समान रेंज | 78-80% | उच्च | अच्छी ट्रैकिंग |
| ICICI Prudential Gold ETF | बाद में | समान | 79%+ | मध्यम-उच्च | कम एक्सपेंस रेशियो विकल्प |
| HDFC Gold ETF | बाद में | समान | तुलनीय | मध्यम | अच्छा प्रदर्शन |
सोने की कीमतों में 2025-2026 में मजबूत तेजी आई है, जो वैश्विक अनिश्चितता, मुद्रास्फीति, डॉलर की कमजोरी और भारत में डिमांड (शादी-त्योहार) से समर्थित है। हालांकि, हाल के दिनों में कुछ सुधार देखा गया है, जहां प्राइस ₹148 के हाई से गिरकर ₹127-128 पर आ गई।
निवेश के फायदे
कोई मेकिंग चार्ज, स्टोरेज या सिक्योरिटी का झंझट नहीं।
डीमैट अकाउंट से स्टॉक की तरह ट्रेडिंग।
पोर्टफोलियो में 5-15% गोल्ड अलोकेशन के लिए आदर्श (डायवर्सिफिकेशन)।
लॉन्ग टर्म में सोना मुद्रास्फीति हेज के रूप में काम करता है।
रिस्क और सावधानियां
शॉर्ट टर्म में volatility: सोने की कीमतें ग्लोबल इवेंट्स से प्रभावित होती हैं।
ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट: इक्विटी या फिक्स्ड इनकम से कम रिटर्न मिल सकता है अगर सोना साइडवेज चले।
टैक्सेशन: 3 साल से कम होल्डिंग पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (स्लैब रेट), अधिक पर LTCG 12.5% (इंडेक्सेशन के बिना)।
अब खरीदने से पहले: अगर सोने में और तेजी की उम्मीद (जैसे रिसेशन फियर या जियोपॉलिटिकल टेंशन), तो हां। लेकिन ओवरबॉट स्थिति में सुधार का इंतजार करें।
निष्कर्ष में निवेश टिप्स
SIP के जरिए निवेश करें ताकि औसत लागत कम रहे।
कुल पोर्टफोलियो का 10% तक गोल्ड ETFs में रखें।
रेगुलर मॉनिटर करें MCX गोल्ड फ्यूचर्स और ग्लोबल प्राइस। Nippon India ETF Gold BeES ने निवेशकों को लंबे समय में धमाकेदार रिटर्न दिए हैं। अगर आप गोल्ड में एक्सपोजर चाहते हैं तो यह अभी भी मजबूत विकल्प है, लेकिन बाजार की दिशा पर नजर रखें।
Disclaimer: यह लेख सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। बाजार जोखिम के अधीन है।










