एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन आतनु चक्रवर्ती ने नैतिकता और मूल्यों पर असहमति जताते हुए इस्तीफा दे दिया, जिससे बैंक के शेयरों में 8-9% की भारी गिरावट आई। कारोबार के दौरान शेयर 772 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचा, जिससे निवेशकों की लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति मिट गई। बैंक ने केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है, जबकि आरबीआई ने बैंक की वित्तीय स्थिति और गवर्नेंस पर कोई बड़ी चिंता नहीं होने की पुष्टि की है।
एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भारी गिरावट
एचडीएफसी बैंक के शेयर आज सुबह कारोबार में 8.7% तक टूट गए, जो पिछले कुछ वर्षों की सबसे तेज एक दिवसीय गिरावटों में से एक है। बीएसई पर शेयर 772 रुपये के स्तर तक फिसला, जो 52-सप्ताह का निचला स्तर है। एनएसई पर भी इसी तरह की गिरावट दर्ज हुई। शुरुआती कारोबार में बाजार पूंजीकरण में 1.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखी गई और गिरावट 4-5% के आसपास सिमट गई।
यह गिरावट बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर आतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद आई। चक्रवर्ती ने 18 मार्च को तत्काल प्रभाव से पद छोड़ दिया। उनके इस्तीफे पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ घटनाएं और प्रथाएं ऐसी रहीं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं। उन्होंने किसी विशिष्ट घटना या व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन इस वाक्य ने निवेशकों में भारी बेचैनी पैदा कर दी।
इस्तीफे की वजह और बैंक का पक्ष
चक्रवर्ती 2021 से पार्ट-टाइम चेयरमैन थे और 2024 में उनका कार्यकाल मई 2027 तक बढ़ाया गया था। वे पूर्व आईएएस अधिकारी और आर्थिक मामलों के सचिव रह चुके हैं। इस्तीफा बोर्ड की गवर्नेंस, नामांकन और पारिश्रमिक समिति को संबोधित था। बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में इस्तीफे की पुष्टि की और कहा कि यह व्यक्तिगत मूल्यों पर आधारित है।
बाद में बैंक के अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री (पूर्व एचडीएफसी सीईओ) ने एनालिस्ट कॉल में कहा कि चक्रवर्ती से पूछने पर उन्होंने कोई विशिष्ट मुद्दा नहीं उठाया। मैनेजमेंट ने किसी पावर स्ट्रगल या गवर्नेंस लैप्स से इनकार किया। आरबीआई ने भी स्पष्ट किया कि बैंक के आचरण या गवर्नेंस पर कोई सामग्री चिंता दर्ज नहीं है। बैंक वित्तीय रूप से मजबूत है और कोई नियामकीय मुद्दा नहीं है।
बाजार पर प्रभाव और निवेशकों की चिंता
मार्केट कैप प्रभाव : गिरावट से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान, हालांकि बाद में कुछ सुधार।
एडीआर प्रभाव : अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स (एडीआर) में 7-7.5% की गिरावट।
सेक्टर प्रभाव : बैंक निफ्टी में 3% तक की गिरावट, एचडीएफसी बैंक सबसे बड़ा ड्रैग।
तुलनात्मक : यह 2020 की कोविड गिरावट (13%) के बाद सबसे तेज एक दिवसीय फॉल में से एक।
निवेशक अब गवर्नेंस, पोस्ट-मर्जर इंटीग्रेशन और नेतृत्व स्थिरता पर नजर रख रहे हैं। एचडीएफसी-एचडीएफसी बैंक मर्जर के बाद ग्रोथ रिकवरी अभी पूरी नहीं हुई है, ऐसे में यह घटना अनिश्चितता बढ़ा रही है।
अगले कदम और संभावित परिदृश्य
आरबीआई ने केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन की मंजूरी दी है। बैंक जल्द ही स्थायी चेयरमैन की तलाश करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बैंक स्पष्ट संवाद जारी रखता है और कोई नया नकारात्मक खुलासा नहीं होता, तो शेयर में रिकवरी संभव है। लेकिन अगर कोई और डिटेल सामने आती है, तो गिरावट बढ़ सकती है।
निवेशकों को सलाह है कि वे बैंक की तिमाही परिणाम, एसेट क्वालिटी और आरबीआई की आगे की टिप्पणियों पर नजर रखें। लॉन्ग-टर्म में एचडीएफसी बैंक मजबूत फंडामेंटल वाला बैंक है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी बनी रह सकती है।










