Mock Trading: आज शनिवार को भी शेयर मार्केट है खुला, BSE-NSE पर ऐसे होगी ट्रेडिंग

Published On: February 8, 2026
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BSE NSE mock trading session on Saturday

“शेयर बाजार में मॉक ट्रेडिंग सेशन आज शनिवार को आयोजित हो रहा है, जहां BSE और NSE पर इक्विटी, F&O और कमोडिटी सेगमेंट में सिमुलेटेड ट्रेडिंग होगी। यह डिजास्टर रिकवरी टेस्टिंग के लिए है, जिसमें सदस्य लॉगिन से लेकर कंटिन्जेंसी स्विचओवर तक की प्रक्रिया शामिल है। कोई रियल ट्रेडिंग या सेटलमेंट नहीं होगा, लेकिन ब्रोकर्स को सिस्टम टेस्ट करने का मौका मिलेगा।”

शेयर बाजार में मॉक ट्रेडिंग सेशन एक महत्वपूर्ण अभ्यास है जो एक्सचेंज की तकनीकी मजबूती और आपदा प्रबंधन क्षमता को परखता है। BSE और NSE पर यह सेशन सदस्य ब्रोकर्स को उनके ट्रेडिंग सिस्टम, रिस्क मैनेजमेंट टूल्स और बैकअप व्यवस्थाओं को जांचने का अवसर प्रदान करता है। इस सेशन में सभी ट्रेड सिमुलेटेड होते हैं, जिसका मतलब है कि कोई वास्तविक धन हानि या लाभ नहीं होता। यह अभ्यास बाजार की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है, खासकर बढ़ते डिजिटल ट्रेडिंग वॉल्यूम के बीच जहां साइबर थ्रेट्स और सिस्टम फेलियर के जोखिम बढ़ गए हैं।

मॉक ट्रेडिंग का मुख्य उद्देश्य डिजास्टर रिकवरी (DR) साइट से ऑपरेशन को टेस्ट करना है। प्राइमरी साइट पर किसी समस्या की स्थिति में, एक्सचेंज को बिना रुकावट के DR साइट पर स्विच करना पड़ता है। इस सेशन में सदस्यों को प्राइमरी से DR साइट पर माइग्रेशन का अभ्यास कराया जाता है, जिससे वास्तविक संकट में बाजार की निरंतरता बनी रहे। BSE और NSE दोनों ही इस तरह के सेशन साल में कई बार आयोजित करते हैं, और सदस्यों की भागीदारी अनिवार्य नहीं होती लेकिन प्रोत्साहित की जाती है।

मॉक ट्रेडिंग का शेड्यूल और सेगमेंट्स

इस सेशन में विभिन्न सेगमेंट्स में ट्रेडिंग सिमुलेशन होता है। नीचे दी गई टेबल में BSE और NSE के लिए सामान्य शेड्यूल का विवरण है, जो सदस्यों को लॉगिन से लेकर क्लोजिंग तक की प्रक्रिया कवर करता है:

समय (IST)गतिविधिसेगमेंट्स प्रभावितविवरण
10:00 AM – 10:45 AMसदस्य लॉगिन विंडोसभी सेगमेंट्सब्रोकर्स अपने टर्मिनल्स से कनेक्ट होते हैं, सिस्टम चेक करते हैं।
11:00 AMनॉर्मल मार्केट ओपनइक्विटी, F&O, कमोडिटीप्राइमरी साइट से ट्रेडिंग शुरू, सिमुलेटेड ऑर्डर्स प्लेसमेंट।
11:30 AM – 12:00 PMकंटिन्जेंसी स्टार्ट टाइमसभी सेगमेंट्सDR साइट पर स्विचओवर का टेस्ट, ट्रेडिंग जारी रहती है।
12:00 PM – 03:30 PMकंटिन्यूअस ट्रेडिंगइक्विटी (T+1 और T+0), F&Oसदस्य विभिन्न ऑर्डर टाइप्स जैसे लिमिट, मार्केट, स्टॉप लॉस का टेस्ट करते हैं।
03:30 PM – 04:00 PMपोस्ट क्लोजिंग सेशनसभी सेगमेंट्सक्लोजिंग प्राइस कैलकुलेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन का सिमुलेशन।
04:00 PM – 05:00 PMब्लॉक डील और स्पेशल सेशंसइक्विटी और F&Oमॉर्निंग और आफ्टरनून ब्लॉक डील विंडोज का टेस्ट।
06:30 PM – 07:00 PMलाइव री-लॉगिन सेशनसभी सेगमेंट्सशाम को DR साइट से री-कनेक्शन टेस्ट, सिस्टम रिस्टोरेशन चेक।

यह शेड्यूल सदस्यों को पूरे दिन की ट्रेडिंग साइकल को कवर करने की अनुमति देता है, जिसमें प्री-ओपन, नॉर्मल ट्रेडिंग, कॉल ऑक्शन और पोस्ट-क्लोजिंग शामिल हैं। कमोडिटी सेगमेंट में MCX और NCDEX जैसी एक्सचेंजेस भी समान टेस्टिंग करती हैं, लेकिन BSE-NSE फोकस मुख्य रूप से कैपिटल और डेरिवेटिव्स पर होता है।

मॉक ट्रेडिंग में क्या होता है?

सेशन के दौरान, एक्सचेंज सिमुलेटेड डेटा प्रदान करता है, जिसमें स्टॉक प्राइसेज, वॉल्यूम और इंडेक्स मूवमेंट्स शामिल होते हैं। सदस्य ब्रोकर्स अपने क्लाइंट कोड्स का उपयोग करके ऑर्डर्स प्लेस करते हैं, लेकिन ये सभी वर्चुअल होते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई ब्रोकर Reliance Industries के शेयर्स पर बाय ऑर्डर प्लेस करता है, तो यह सिस्टम में रजिस्टर होता है लेकिन कोई रियल फंड ट्रांसफर नहीं होता। रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम्स जैसे मार्जिन कैलकुलेशन, पोजीशन लिमिट्स और सर्किट ब्रेकर्स का भी टेस्ट किया जाता है।

यदि सेशन में कोई तकनीकी गड़बड़ी पाई जाती है, तो एक्सचेंज इसे रिकॉर्ड करता है और सुधार के लिए कदम उठाता है। पिछले वर्षों में ऐसे सेशंस से कई मुद्दे हल हुए हैं, जैसे लेटेंसी इश्यूज और API कनेक्टिविटी प्रॉब्लम्स। निवेशकों के लिए यह अप्रत्यक्ष लाभदायक है क्योंकि इससे वास्तविक ट्रेडिंग दिनों में डाउनटाइम कम होता है।

ब्रोकर्स के लिए महत्वपूर्ण पॉइंट्स

भागीदारी की तैयारी : ब्रोकर्स को अपने सभी ट्रेडिंग टर्मिनल्स, बैक ऑफिस सॉफ्टवेयर और API इंटीग्रेशंस को टेस्ट करना चाहिए। Zerodha, Upstox या Groww जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को नोटिफिकेशन मिल सकता है कि चार्ट्स में फ्लक्चुएशंस दिख सकते हैं, लेकिन ये मॉक डेटा से हैं।

रिस्क कंट्रोल्स : सेशन में VAR (Value at Risk) मॉडल्स और इंट्राडे लेवरेज का टेस्ट जरूरी है। अगर कोई ब्रोकर F&O में हाई वॉल्यूम ट्रेड्स करता है, तो सिस्टम ऑटोमैटिक स्क्वेयर-ऑफ का सिमुलेशन चेक करता है।

रिपोर्टिंग : सेशन结束后, सदस्यों को एक्सचेंज को फीडबैक सबमिट करना होता है, जिसमें कोई इश्यूज जैसे कनेक्टिविटी फेलियर या ऑर्डर मैचिंग एरर्स शामिल होते हैं।

लाभ : यह अभ्यास ब्रोकर्स को उनके इंटरनल सिस्टम्स को अपग्रेड करने का मौका देता है, जिससे क्लाइंट्स को बेहतर सर्विस मिलती है। उदाहरणस्वरूप, अगर DR स्विचओवर में 5 मिनट लगते हैं, तो इसे ऑप्टिमाइज करके 1 मिनट तक लाया जा सकता है।

निवेशकों पर प्रभाव

हालांकि निवेशक सीधे मॉक ट्रेडिंग में भाग नहीं ले सकते, लेकिन उनके ब्रोकर प्लेटफॉर्म्स पर प्रभाव पड़ सकता है। अगर आपका ब्रोकर भाग ले रहा है, तो ऐप या वेबसाइट पर टेम्पररी चेंजेस दिख सकते हैं, जैसे प्राइस फ्लक्चुएशंस या लॉगिन इश्यूज। कोई रियल ट्रेड्स प्रभावित नहीं होते क्योंकि यह वीकेंड पर है। निवेशकों को सलाह है कि वे ऐसे सेशंस के बारे में अपडेट रहें, क्योंकि इससे बाजार की विश्वसनीयता बढ़ती है। पिछले मॉक सेशंस में पाए गए इश्यूज से बाजार में 99.99% अपटाइम सुनिश्चित हुआ है।

अतिरिक्त सेक्शंस और IPO संबंधित टेस्टिंग

मॉक सेशन में स्पेशल प्री-ओपन सेशंस भी शामिल होते हैं, खासकर IPO और रीलिस्टेड सिक्योरिटीज के लिए। यह 09:00 AM से 09:45 AM तक चल सकता है, जहां सदस्य IPO प्राइस डिस्कवरी का सिमुलेशन करते हैं। साथ ही, इलिक्विड सिक्योरिटीज के लिए पीरियोडिक कॉल ऑक्शन (6 सेशंस, प्रत्येक 1 घंटे के) टेस्ट किए जाते हैं। कमोडिटी सेगमेंट में Agri और Metal कमोडिटीज पर फोकस होता है, जहां फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स का एक्सपायरी सिमुलेशन होता है।

कंटिन्जेंसी प्लानिंग के फायदे

यह सेशन बाजार को विभिन्न परिदृश्यों जैसे पावर फेलियर, नेटवर्क आउटेज या साइबर अटैक्स के लिए तैयार करता है। BSE और NSE के DR साइट्स मुंबई से बाहर स्थित हैं, जिससे लोकेशनल रिस्क्स कम होते हैं। सदस्यों को ऐसे सेशंस में भाग लेकर SEBI के कंप्लायंस रिक्वायरमेंट्स पूरे करने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर, यह बाजार की रेजिलिएंस को मजबूत बनाता है, जिससे भारतीय निवेशकों का विश्वास बढ़ता है।

Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट, टिप्स और स्रोतों पर आधारित है।

Ashish Pandey

मेरा नाम आशीष पांडे है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।

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