“ईरान-US संघर्ष के कारण Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रुक गई है, जिससे Petronet LNG की Qatar से LNG आपूर्ति प्रभावित हुई है। कंपनी ने force majeure घोषित किया, शेयर में भारी गिरावट आई लेकिन हालिया सत्र में रिकवरी दिखी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि संकट लंबा चला तो वॉल्यूम प्रभावित होंगे, लेकिन वैकल्पिक स्रोत और घरेलू डिमांड से रिकवरी संभव है।”
Petronet LNG के शेयर: गिरावट के बाद रिकवरी, लेकिन संकट बरकरार
Petronet LNG के शेयर हालिया दिनों में भारी उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं। ईरान और US के बीच चल रहे युद्ध ने Strait of Hormuz को प्रभावित किया है, जहां से Qatar से भारत की अधिकांश LNG आपूर्ति गुजरती है। कंपनी ने force majeure नोटिस जारी किया, जिसके बाद शेयर में 10-12% तक की गिरावट आई।
ताजा कारोबार में शेयर NSE पर ₹293.05 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र से ₹13.05 या 4.66% ऊपर है। दिन का रेंज ₹278 से ₹295 रहा, जबकि 52-सप्ताह का हाई ₹326.50 और लो ₹263.50 है। मार्केट कैप लगभग ₹44,000 करोड़ के आसपास है।
कंपनी ने QatarEnergy से LNG टैंकरों (Disha, Raahi, Aseem) की सुरक्षित आवाजाही असंभव होने की वजह से force majeure लागू किया। Qatar ने भी उत्पादन में रुकावट की सूचना दी, जिससे भारत में इंडस्ट्रीज को 40% तक गैस कटौती का सामना करना पड़ रहा है। Petronet Dahej टर्मिनल पर निर्भर है, जहां Qatar से 50% वॉल्यूम आता है।
ईरान-US युद्ध का असर: Strait of Hormuz ब्लॉकेज से क्या खतरा?
ईरान-US संघर्ष ने Gulf क्षेत्र में हमलों को बढ़ावा दिया है। US और Israel ने Iran पर हमले किए, जिसके जवाब में Iran ने मिसाइल और ड्रोन अटैक किए। Strait of Hormuz, जहां से वैश्विक 20% LNG और बड़ी मात्रा में तेल गुजरता है, अब जोखिम में है।
भारत के लिए यह बड़ा संकट है क्योंकि देश की आधी से ज्यादा LNG इंपोर्ट्स इसी रूट से आती हैं। स्पॉट LNG कीमतें $23.80/MMBtu तक पहुंच गईं, जो पिछले हफ्ते से दोगुनी हैं। शिपिंग इंश्योरेंस और फ्रेट कॉस्ट में भी तेज उछाल आया है।
Petronet ने off-takers GAIL, IOCL और BPCL को भी force majeure नोटिस भेजा। इससे इंडस्ट्रियल, फर्टिलाइजर, पावर और सिटी गैस सेक्टर में सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
एक्सपर्ट्स की राय: शॉर्ट टर्म में दबाव, लॉन्ग टर्म में रिकवरी की उम्मीद
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर संकट एक महीने तक चला तो Petronet के वॉल्यूम 5-6% तक गिर सकते हैं। JM Financial के अनुसार, Hormuz में रुकावट से Qatar सप्लाई प्रभावित है, लेकिन कंपनी के पास अन्य स्रोतों से स्पॉट कार्गो लेने का विकल्प है।
Motilal Oswal और Investec जैसे ब्रोकरेज ने पहले 2026 के लिए Buy रेटिंग दी थी, टारगेट ₹365-400 तक। लेकिन मौजूदा संकट से शॉर्ट टर्म में दबाव रहेगा। वैश्विक LNG सप्लाई 2026 में 7% बढ़ने की उम्मीद है, जो Petronet के Dahej एक्सपैंशन (22.5 MTPA) को फायदा दे सकती है।
कंपनी का P/E 12.2 है, जो सेक्टर के मुकाबले आकर्षक है। अगर युद्ध जल्द खत्म हुआ और रूट क्लियर हुआ तो शेयर में तेज रिकवरी संभव है। लेकिन लंबे संकट में गैस की कमी से इंडस्ट्रीज प्रभावित होंगी, जो अप्रत्यक्ष रूप से Petronet को नुकसान पहुंचा सकती है।
मुख्य बिंदु तालिका
वर्तमान शेयर मूल्य (NSE) : ₹293.05 (4.66% ऊपर)
दिन का रेंज : ₹278 – ₹295
52-सप्ताह रेंज : ₹263.50 – ₹326.50
मार्केट कैप : ≈ ₹44,000 करोड़
प्रभावित वॉल्यूम : Qatar से 50% सप्लाई रुकी
संभावित प्रभाव : 1 महीने की रुकावट से 5-6% वॉल्यूम गिरावट
एक्सपर्ट टारगेट : ₹325-400 (लॉन्ग टर्म)
## रिस्क फैक्टर : Strait of Hormuz ब्लॉकेज, स्पॉट प्राइस उछाल










