“आज के कारोबार में एमसीएक्स पर सोना मजबूत हुआ जबकि चांदी में गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमतें सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थित रहीं, वहीं चांदी पर औद्योगिक मांग में नरमी और मुनाफावसूली का दबाव पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और डॉलर की मजबूती के बीच सोना निवेशकों की प्राथमिकता बनेगा।”
आज के बाजार में कीमती धातुओं में अलग-अलग रुख देखने को मिला। एमसीएक्स पर अप्रैल 2026 अनुबंध के लिए सोने की कीमत 1,62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रही है, जिसमें मामूली तेजी दर्ज हुई। पिछले सत्र से तुलना में सोना 100-300 रुपये तक मजबूत हुआ, जबकि चांदी मई 2026 अनुबंध पर 2,70,000-2,72,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर फिसलकर आई, जिसमें 700-4,000 रुपये तक की गिरावट देखी गई।
यह बदलाव मुख्य रूप से वैश्विक कारकों से प्रभावित है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती ने डॉलर-आधारित कीमतों पर दबाव डाला, जिससे चांदी जैसी अधिक अस्थिर धातु पर असर ज्यादा पड़ा। चांदी की कीमतें औद्योगिक उपयोग (सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स) से जुड़ी होने के कारण मांग में उतार-चढ़ाव से जल्दी प्रभावित होती हैं। हाल के दिनों में औद्योगिक मांग में नरमी और पिछले तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली ने चांदी को नीचे खींचा।
दूसरी ओर, सोना सुरक्षित निवेश (safe-haven) की श्रेणी में आता है। मध्य पूर्व में जारी तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने की मांग बनी हुई है। भारत में त्योहारी सीजन की तैयारी और निवेशकों की रुचि ने भी सोने को समर्थन दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड में स्थिरता के साथ हल्की तेजी देखी गई, जो घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर डाल रही है।
शहरों में आज की कीमतें (24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम और चांदी प्रति किलोग्राम)
दिल्ली: सोना ≈ 1,63,500 रुपये, चांदी ≈ 2,67,000-2,70,000 रुपये
मुंबई: सोना ≈ 1,63,200 रुपये, चांदी ≈ 2,68,000 रुपये
चेन्नई: सोना ≈ 1,63,700 रुपये, चांदी ≈ 2,67,800 रुपये
हैदराबाद: सोना ≈ 1,63,480 रुपये, चांदी ≈ 2,67,450 रुपये
(नोट: ये दरें स्थानीय कर, मेकिंग चार्ज और बाजार भाव पर निर्भर करती हैं।)
सोना vs चांदी: क्यों अलग रुख?
सोना मुख्यतः निवेश और आभूषण मांग से चलता है, जबकि चांदी में 50% से अधिक औद्योगिक उपयोग होता है। हाल में चांदी की आपूर्ति में सुधार और चीन जैसे बाजारों से मांग घटने से दबाव बढ़ा। सोने में केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी (2025-26 में रिकॉर्ड स्तर) और मुद्रास्फीति से सुरक्षा की वजह से मजबूती बनी। गोल्ड-सिल्वर अनुपात बढ़कर 60-65 के स्तर पर पहुंचा, जो ऐतिहासिक रूप से चांदी के सस्ता होने का संकेत देता है, लेकिन अल्पावधि में सोना ज्यादा स्थिर दिख रहा है।
निवेशकों के लिए सलाह
अल्पावधि : सोना खरीदने का अच्छा मौका, क्योंकि सुरक्षित मांग मजबूत है। चांदी में अस्थिरता ज्यादा, इसलिए सतर्क रहें।
दीर्घावधि : दोनों धातुओं में तेजी की संभावना, लेकिन सोना ज्यादा विश्वसनीय। विशेषज्ञ अनुमान है कि सोना 1.70 लाख तक जा सकता है, जबकि चांदी 3 लाख के लक्ष्य की ओर।
रणनीति : एसआईपी के जरिए सोने में निवेश जारी रखें। चांदी में गिरावट पर खरीदारी विचार करें, लेकिन जोखिम ज्यादा।
डिस्क्लेमर : यह खबर सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें। बाजार जोखिमों के अधीन है।










